Wednesday, December 24, 2025

सांसद खेल महोत्सव पन्ना में हंगामा, भाजपा के दो नेताओं पर खिलाड़ियों से धक्का-मुक्की व गाली-गलौज का आरोप

 सांसद खेल महोत्सव पन्ना में हंगामा, 

भाजपा के दो नेताओं पर खिलाड़ियों से धक्का-मुक्की व गाली-गलौज का आरोप

बाहर से आए खिलाड़ियों ने किया विरोध, मौके पर पहुंची पुलिस


अमित सिंह -मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में  सांसद खेल महोत्सव पन्ना में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब प्रतियोगिता में भाग लेने आए खिलाड़ियों के साथ भाजपा के दो नेताओं द्वारा धक्का-मुक्की और गाली-गलौज किए जाने का आरोप लगा। घटना के बाद बाहर से आए खिलाड़ियों में भारी नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। और वीडियो वायरल हो गये है प्रत्यक्षदर्शियों एवं वीडियो के अनुसार खेल आयोजन के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते कहासुनी से धक्का-मुक्की में बदल गया। आरोप है कि भाजपा के दो स्थानीय नेता खिलाड़ियों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना से आक्रोशित खिलाड़ियों ने आयोजन स्थल पर ही विरोध प्रदर्शन किया और आयोजकों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। बाहर से आए खिलाड़ियों का कहना है कि वे खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने आए थे, लेकिन इस तरह का व्यवहार बेहद निंदनीय है और इससे आयोजन की गरिमा को ठेस पहुंची है।स्थिति बिगड़ते देख मौके पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस बल वहां पहुंचा और हालात को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और मामले की जानकारी ली। फिलहाल पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। वहीं आयोजन समिति की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना के बाद सांसद खेल महोत्सव की व्यवस्थाओं और अनुशासन को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

सुधांशु तिवारी ( खिलाड़ी) -कहना है कि इस तरह का राजनीतिक खेल नही  खेला है,, पहले तो सांसद खेल महोत्सव में यहां के लोग व्यवस्था नहीं करवा पाए और अब खेल में चीटिंग करते हुए मारपीट पर उतारू है धमकी दी जा रही है,,हमारे पास वीडियो है,,पुलिस ने भी धमकी दी है 







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Tuesday, December 23, 2025

जेके सीमेंट फैक्टरी मे मौत का सिलसिला जारी,फिर एक मजदुर की मौत

फिर हुई मजदूर की मौत फैक्ट्री प्रबंधन नही कर पा रहा मजदूरों की सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित। 

गांव में फैला मातम तीन बेटियां के सर से उठा पिता का साया । 

अमित सिंह पन्ना- पन्ना जिले में स्थित जेके सीमेंट फैक्टरी से मजदूरों की सुरक्षा मानकों की चूक के मामले रुकने का नाम नही रह रहे है । सालो से फेक्ट्री में मजदूरी कर रहे लखन रजक पिता लबे रजक उम्र 50 वर्ष निवासी धर्मपूरा ग्राम पंचायत सिलगी तहसील देवेंद्रनगर का फैक्ट्री में कार्य करते समय उसकी मौत हो गई । प्राप्त जानकारी के अनुसार मृत के शव को लेकर जब पुलिस विभाग गांव पंहुचा तो मजदूर के परिवार के साथ ही साथ पूरे गांव में सन्नाटा फैल गया गांव वालों के अनुसार मृतक की तीन बेटियां है और एक बेटी की शादी हो चुकी है । और परिवार के पालन पोषण करने वाला यह अकेला व्यक्ति था । वही मौत का कारण अभी स्पष्ट नही हो सका है लेकिन फैक्ट्री के अंदर मजदूरों के जो सुरक्षा मानक है उनका पालन कड़ाई से फैक्ट्री प्रबंधन के लोग नही करवा पा रहे है जिस कारण से मजदूरों के मौतों का शिलशिला थमने का नाम नही रह रहा है क्योंकि कुछ माह पहले भी फैक्ट्री के अंदर शिलिप गिरने से मजदूरों की मौत हुई थी काफी सौर गुल होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया । और फिर वही मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही का दौर सुरु हो गया जिससे फिर एक मजदूर ने ओर उसकी तीन बेटियां के सर से पिता का साया उठ गया।


इनका कहना- घटना बोदा मोड़ के पास की है सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हुई है मृत सीमेंट फैक्ट्री की माइनिंग साइड पर कार्य करता था जांच जारी है । 

 रक्षपाल सिंह थाना प्रभारी सिमरिया।

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Monday, December 22, 2025

पन्ना के बी.ए बी एड की छात्रा ने समूचे विश्व विद्यालय में हासिल किया चतुर्थ स्थान ।

पन्ना के बी.ए बी एड की छात्रा ने समूचे विश्व विद्यालय में हासिल किया चतुर्थ स्थान ।

छात्रा अस्मिता राजपूत

 

अमित सिंह पन्ना -महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर द्वारा सत्र 2025 के घोषित परीक्षा परिणामों की प्रावधिक मेरिट सूची में स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, पन्ना के बी.ए.बी.एड की छात्रा कु. अस्मिता राजपूत ने 72.59 प्रतिशत अंक अर्जित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर चतुर्थ (4th) स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय एवं जिले का नाम रोशन किया है।छात्रा की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से महाविद्यालय में हर्ष का माहौल है। छात्रा ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं माता-पिता के सहयोग को दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त प्राध्यापकगणों ने छात्रा को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।प्राचार्य डॉ सौरभ अग्रवाल जी ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छात्रा की मेहनत का परिणाम है, बल्कि महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं अनुशासित वातावरण को भी दर्शाती है। अन्य विद्यार्थियों ने भी छात्रा से प्रेरणा लेते हुए बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।महाविद्यालय परिवार द्वारा छात्रा को सम्मानित किया गया तथा मिठाई वितरण कर खुशी जाहिर की गई

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किसान,छात्र,छात्राये खेतों से निकलने को मजबूर,कलेक्टर पन्ना को देना होगा ध्यान

 किसान,छात्र,छात्राये खेतों से निकलने को मजबूर,कलेक्टर पन्ना को देना होगा ध्यान

 

वारिश में टूटी पुलिया अजयगढ़ से बरियारपुर

अमित सिंह पन्ना - मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में अजयगढ़ से बरियारपुर कुर्मियान को जोड़ने वाला पुल भारी बारिश और बाढ़ में टूट गया था।जो आज तक पुनः निर्मित नहीं हो पाया है। ग्रामीणो को आज भी इसके निर्माण का इंतजार है। पुल के निर्मित न होने है ग्राम गड़रपुर, बरियारपुर कुर्मीयान, सलैया, रानीपुर सहित कई अन्य मजरो के सैकड़ो ग्रामीणो को भारी परेशानी से गुजरना पड़ा रहा है। इन गाँव मे पहुँच के लिए टूटे हुए पुल के पास लगे खेतो से एक अस्थाई रास्ता बनाई गई थी जिसमे बड़े बड़े गड्ढे हो चुके है जिससे निकलने वाले ट्रैक्टर, स्कूल बस सहित अन्य दो पहिया व चार पहिया वाहन कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकते है। बरसात के मौसम मे जब पुल टूटा था तो निर्माण संस्था सहित अजयगढ़ के सभी अधिकारियो द्वारा जल्द से जल्द निर्माण कि बात कही थी पर समय गुजरते ही ये बात भी शायद उन्होंने भुला दी ऐसे मे विभिन्न ग्रामो के किसान छात्र छात्राएं ओर ग्रामीण खेतों से गुजरने को मजबूर है।यह पुल सिर्फ आवागमन नहीं,बल्कि हजारों किसानों की रोजी-रोटी का सहारा है।जनता के द्वारा प्रशासन से मांग करते हुए जल्द से जल्द पुल निर्माण शुरू कराने कि बात कही।कलेक्टर पन्ना को इस विषय मे तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।

 

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किसानों के लिये मुसीबत ,खाद की किल्लत से त्रस्त किसान, बच्चे-महिलाएं भी घंटों लाइन में

किसानों के लिये मुसीबत खाद की किल्लत से त्रस्त किसान, बच्चे-महिलाएं भी घंटों लाइन में

दिन भर खाद के लिए मशक्कत, फिर भी खाली हाथ लौट रहे लोग

  खाद पाने को लेकर महिलाओं एवं पुरुषों की लंबी लाइन
      
अमित सिंह पन्ना-
जिले में इन दिनों खाद की भारी किल्लत किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। रबी फसल की बुवाई के अहम समय में खाद न मिलने से किसान बेहद चिंतित हैं। हालात यह हैं कि खाद लेने के लिए सुबह से ही पन्ना विपणन कार्यालय और विक्रय केंद्रों पर लंबी कतारें लग रही हैं
, जिनमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। कई किसान परिवार सुबह अंधेरे में ही घर से निकलकर खाद केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन दिन भर इंतजार के बाद भी खाद नसीब नहीं हो रही। कतार में खड़े-खड़े महिलाएं  नजर आ रही हैं, वहीं बुजुर्ग किसान भी मजबूरी में लाइन में खड़े हैं। किसानों का कहना है कि फसल का समय निकल रहा है, अगर समय पर खाद नहीं मिली तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।कई किसानों ने आरोप लगाया कि सीमित मात्रा में खाद आने से पहले ही स्टॉक खत्म हो जाता है, और कुछ लोगों को बार-बार खाद मिल जाती है जबकि अधिकांश किसान वंचित रह जाते हैं। खाद न मिलने से किसानों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा खाद उपलब्ध कराने के दावे ज़मीनी हकीकत से दूर नजर आ रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से तत्काल खाद की पर्याप्त आपूर्ति और पारदर्शी वितरण व्यवस्था की मांग की है, ताकि उन्हें बार-बार लाइन में लगकर अपमान और परेशानी न झेलनी पड़े।

इनका कहना है, दो दिनों से मैं लाइन में लग रहा हु लेकिन खाद नही मिल रही है,दिन भर हो गया टोकन मिला लेकिन खाद अभी भी नही मिली,हमारी फसल प्रभावित हो रही है

रजनेश किसान युवा

इनका कहना है कि लगता है आज भी खाद नही मिलेगी,,भीड़ है लाइन में लगे प्रतिदिन का यही है हाल फसल का नुकसान हो रहा हैशासन अच्छी व्यवस्था करे,जिससे खाद तुरन्त मिल सके

भूरी बाई महिला किसान

 

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Sunday, December 21, 2025

अंधविश्वास की 'रोटी' और जहर का तड़का। पन्ना में एक ही परिवार के 5 लोग हुए फूड पॉइजनिंग का शिकार!

अंधविश्वास की 'रोटी' और जहर का तड़का

पन्ना में एक ही परिवार के 5 लोग हुए फूड पॉइजनिंग का शिकार!

सभी को जिला अस्पताल किया रेफर।

जिला अस्पताल में भर्ती पांचों लोग। 


अमित सिंह पन्ना -​ बुंदेलखंड के हिस्सों में शिक्षा की कमी कहे या स्वस्थ व्यवस्था पर लोगो का विश्वास ना करना या फिर यूं कहें अंधविश्वास की जड़ें समाज में इतनी गहरी हो चूँकि हैं, की फिर से एक मामले ने इस चर्चा को हवा दी है जिसकी यह खौफनाक तस्वीर सामने आई है मध्य प्रदेश के पन्ना से। यहाँ एक ही परिवार के पांच लोग मौत के मुँह में जाते-जाते बचे। ​मामला धरमपुर जमुनिया गांव का है, जहाँ रात के खाने में 'कुदवा की रोटी' और 'चने की भाजी' खाना एक परिवार को भारी पड़ गया। खाना खाते ही राजकुमार, हरिराम, रिंकी, अनामिका और छोटे आदिवासी को तेज उल्टियाँ और चक्कर आने लगे। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि चीख-पुकार मचने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय पूरी रात घर पर झाड़फूंक करवाते रहे। 

जब बिगड़ी हालात तो पहुचे स्वास्थ्य केंद्र

जब हालत नाजुक हो गई और झाड़फूंक काम नहीं आई, तब ग्रामीणों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर ले जाया गया। डॉक्टरों ने इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग बताया है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को आज जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया है। फिलहाल डॉक्टर उनकी जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। यह घटना सबक है कि बीमारी में दुआ और झाड़फूंक नहीं, बल्कि सही समय पर डॉक्टरी इलाज ही जान बचा सकता है।

 रात में कुदवा की रोटी ओर चना की भाजी खाई थी जिसके बाद तवियत बिगड़ गई आगा की कुछ बाहरी भीतरी हो गया है इस लिए खबर में ही पहले झाड़ फूक करवा ली जब तवियत सही नही हुई तो पहले गुन्नौर लेकर गए बाद में पन्ना आए  ।

सुनीता आदिवासी (परिजन)


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महेवा ग्राम के पास अनियंत्रित होकर गिरी तेज रफ्तार मोटरबाइक हादसे में दो सगे भाई घायल

 

महेवा ग्राम के पास अनियंत्रित होकर गिरी तेज रफ्तार मोटरबाइक

हादसे में दो सगे भाई घायल

 

पन्ना जिले के महेवा ग्राम के पास तेज रफ्तार मोटरबाइक अनियंत्रित होकर फिसली जिससे बाइक सवार दो सगे भाई घायल हो गए।, हादसा उस समय हुआ जब मोटरबाइक तेज गति में थी और चालक संतुलन खो बैठा।

घायलों की पहचान रिषि पिता नरेंद्र नामदेव उम्र 17 वर्ष  निवासी कोट तथा बसंत पिता नरेंद्र नामदेव उम्र 19 वर्ष के रूप में हुई है। दुर्घटना के बाद दोनों को स्थानीय लोगों की मदद से प्राथमिक उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमानगंज पहुंचाया गया।सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। फिलहाल घायलों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

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Tuesday, December 9, 2025

कैबिनेट मंत्रियों को 'बाघ दर्शन' कराने हाथियों से रोका रास्ता,,नियमों का उल्लंघन

मोहन सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को 'बाघ दर्शन' कराने हाथियों से रोका रास्ता,,वीडियो वायरल

पन्ना टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी करने पहुंचे 6 मंत्री, खुद मंत्री लखन पटेल ने अपलोड किया वीडियो 

The उम्मीद ब्यूरो -मध्य प्रदेश के खजुराहो में दो दिवसीय कैबिनेट मीट में मंत्रियों के लिए वीआईपी व्यवस्थाओं में नियमो की उड़ाई धज्जियां कहीं पर सड़क जाम तो कहीं पर नेशनल हाईवेके रोके गए रास्ते,,वही पन्ना के पन्ना टाइगर रिसर्व घूमने आए प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री लखन पटेल ने पन्ना टाइगर रिजर्व से जुड़ा एक वीडियो अपने सोशल इंटरनेट मीडिया पर साझा किया है। इस वीडियो में दो हाथी बाघ का रास्ता रोके हुए हैं, जिससे बाघ कुछ देर के लिए असहज दिखा। इस बीच जिप्सी में सवार छह मंत्री इत्मीनान से बाघ का दीदार करते रहे और फोटो-वीडियो बनाते रहे। दरअसल मंगलवार को खजुराहो में होने वाली कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे मंत्रियों ने पन्ना के मड़ला गेट से जंगल सफारी का आनंद लिया। इस दौरान पार्क प्रबंधन के अमले ने उन्हें दो बाघों के दीदार का अवसर उपलब्ध कराया। हालांकि पार्क प्रबंधन ने ऐसी घटना से अनभिज्ञता जताई है।


इन मंत्रियों ने देखे बाघ

कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल, विजय शाह, जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार, राज्य मंत्री लखन पटेल और दिलीप अहिरवार सुबह के समय जंगल सफारी के लिए आए थे। उनका स्वागत खुद फील्ड डायरेक्टर नरेश यादव ने किया था और उन्हें पीटीआर की विशेष कैप पहनाकर जंगल में प्रवेश दिलाया। अतिरिक्त क्षेत्र संचालक मोहित सूद भी उस दौरान मौजूद थे। इसके बाद मंत्री खुली जिप्सियों में सवार होकर रवाना हुए।

प्रतिबंधित है हाथियों की राइडिंग

वन्य प्राणी एक्टिविस्ट अजय दुबे का कहना है कि भारत के जंगलों में एलीफेंट राइडिंग (हाथियों के माध्यम से बाघ को घेरकर दिखाना) प्रतिबंधित है। जिस तरह का प्रदर्शन पन्ना में हुआ, उसका विशेषाधिकार किसी को भी नहीं है। वर्ष 2012 में सुप्रीम कोर्ट इस पर प्रतिबंध लगा चुका है। यह बड़ा सवाल है कि पन्ना में जो हुआ, वह किसके आदेश से हुआ। इस मामले में वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

लखन पटेल, राज्य मंत्री, मप्र शासन
जंगल सफारी के दौरान एक बाघिन नजर आई थी, जो जल्द ही गायब हो गई। एक स्थान पर दो हाथी रुक गए थे। इसी दौरान हमें बाघ दिखा। करीब 10 मिनट तक हमने बाघ का दीदार किया

ऐसी किसी घटना के बारे में मुझे पता नहीं है। मुझे वीडियो के बारे में भी जानकारी नहीं है। अगर आप वीडियो उपलब्ध करा दें, तो ही मैं कुछ जानकारी दे पाऊंगा।
मोहित सूद, अतिरिक्त क्षेत्र संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व



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Saturday, December 6, 2025

बुंदेल केसरी महाराजा छत्रसाल की वीर गाथा और शौर्य गाथा को यादगार रखेगा बुंदेलखंड का पन्ना

बुंदेल केसरी महाराजा छत्रसाल का संघर्षमयी जीवन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है

विधानसभा अध्यक्ष ने धरम सागर तालाब परिसर में किया महाराजा छत्रसाल की अष्टधातु की प्रतिमा का अनावरण

The उम्मीद ब्यूरो -   बुंदेल केसरी महाराजा छत्रसाल की राजधानी एवं हीरा, तालाब और मंदिरों की नगरी पन्ना में प्राचीन व ऐतिहासिक धरम सागर तालाब के किनारे छत्रसाल जी की प्रतिमा का अनावरण गौरवशाली क्षण है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में नगरवासी भी साक्षी बनकर उत्साहित हैं। मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक स्थान के रूप में मान्यता प्राप्त पन्ना भगवान श्री जुगल किशोर की पावन स्थली तथा महाराजा छत्रसाल के गुरु प्राणनाथ की तपस्थली भी है। यह बात विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने शनिवार को पन्ना नगर के धरम सागर तालाब परिसर में महाराजा छत्रसाल की अष्टधातु की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की हैसियत से कही। उन्होंने उपस्थितजनों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। 

बृजेंद्र प्रताप सिंह ने की विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को की तलवार भेंट


इस मौके पर विस अध्यक्ष का तलवार एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।विस अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि बुन्देलखण्ड महाराजा छत्रसाल की कर्मभूमि रहा है। भारत के कण कण में शंकर की भंाति पन्ना के कण कण में हीरा की किवदंती प्रासंगिक है। इस ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी अवसर पर हमें सच्चे देशभक्त बनने का मजबूत संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराजा छत्रसाल का जीवन संघर्ष से भरा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मुगल साम्राज्य के विरूद्ध अद्भुत शौर्य और पराक्रम दिखाया। मात्र 12 वर्ष की अल्पायु में पिता के स्वर्गवास के बावजूद उन्होंने आक्रमणकारियों को न सिर्फ परास्त किया, बल्कि बुन्देलखण्ड पर कब्जा भी जमाया। सीमित संसाधन एवं संख्या बल की कमी के बावजूद अपने संकल्प बल की दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उन्होंने साहस और बहादुरी दिखायी। विस अध्यक्ष ने कहा कि हमारा देश वीरों की भूमि है। महाराजा छत्रसाल जैसे वीर पुरूष बुन्देलखण्ड और हमारे लिए गौरव हैं। इस अवसर पर छत्रसाल की जन्म जयंती एवं पुण्य तिथि पर भी गरिमामय कार्यक्रम के आयोजन तथा नई पीढ़ी को छत्रसाल के संघर्षमय जीवन व पराक्रम पर केन्द्रित साहित्य के वितरण के लिए कहा। शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थियों को इस स्थान का भ्रमण कराने का आह्वान भी किया। अध्यक्ष  तोमर ने महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी के शौर्य का भी जिक्र करते हुए कहा कि पूर्वजों के प्राणों के बलिदान की बदौलत भारत देश को आजादी मिली है। इसलिए हमें अपनी संस्कृति, मान्यता और परंपरा का संरक्षण करना भी नितांत आवश्यक है।

पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक पन्ना बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने पन्ना में तीव्र गति से रेलवे परियोजनाओं के विकास और निर्माण कार्य के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 2100 करोड़ रूपए की एलिवेटेड रोड निर्माण शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। टाईगर कोरिडोर के जरिए पेंच, कान्हा और बाधवगढ़ टाईगर रिजर्व से पन्ना जुड़ेगा। कालिंजर-जबलपुर मार्ग का राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में उन्नयन के लिए प्रयास किया जा रहा है। पन्ना विधायक ने कहा कि धरम सागर तालाब परिसर में महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा की स्थापना से वर्तमान में भी इतिहास पुरूष की झलक देखने को मिलेगी। छत्रसाल ने विपरीत परिस्थितियों में अपने हौसले बुलंद रखकर मात्र 22 वर्ष की आयु में बुन्देलखण्ड को फतह किया है। यह संदेश नई पीढ़ी तक पहंुचाने की आवश्यकता है।इस अवसर पर विधायक ने स्वयं के बेनीसागर तालाब को गोद लेने की भांति सांसद से भी धरमसागर तालाब को गोद लेने का अनुरोध किया और निर्माणाधीन पाथवे सहित तालाब परिसर के प्रस्तावित सौंदर्यीकरण की जानकारी दी। उन्होंने यादवेन्द्र क्लब को डायमण्ड म्यूजियम की बजाय हेरीटेज होटल या रेस्टोरेंट की भांति विकसित करने की बात कही। साथ ही तालाब के बीच स्थित शिव मंदिर तक पहुंच मार्ग की आवश्यकता बताई। इसके अलावा डायमण्ड पार्क के साथ म्यूजियम की स्थापना, वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को बढ़ावा देने के प्रयायों की जानकारी दी। 



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Saturday, October 11, 2025

जिला अस्पताल की लापरवाही ,ऑक्सीजन निकलने से 13 वर्षीय बालिका की मौत

लोगों का इलाज मौत की प्रयोगशाला बना ,पन्ना जिला चिकित्सालय इलाज के दौरान हो रही लोगों की मौत ।

गैर अनुभवी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ से जूझ रहा जिला अस्पताल पन्ना,

मृत पोती से लिपटकर रोते दादा

ब्यूरो पन्ना -: कहने के लिए तो पन्ना जिला अस्पताल में डॉक्टर ,पैरामेडिकल स्टाफ अत्याधुनिक संसाधन मौजूद है ।  लेकिन आज भी अनुभवी डॉक्टरों के न होने के कारण लगातार लोगों की इलाज के दौरान मौत होने का सिलसिला लगातार जारी है । या फिर यूं कहने लोगो को इलाज के दौरान मारने की प्रयोगशाला बनी हुई है ।आंकड़े इसलिए नहीं बताए जा सकते हैं क्योंकि जिला अस्पताल में करने वाले व्यक्तियों की मौत को बहुत आसानी से समान्य मौत के तौर पर देखा जाता है।  लेकिन अगर गहन स्तर से जांच करवाई जाए तो सीधे तौर पर कहीं ना कहीं पैरामेडिकल स्टाफ या फिर गैर अनुभवी डॉक्टरों के इलाज करने के कारण यह मौत की संख्या बढ़ रही है यह सच सामने आ सकता है, वही पन्ना जिले में लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा के तौर पर मात्र जिला अस्पताल पन्ना है लेकिन यहां पर अनुभवी डॉक्टरों की भारी कमी है । जिस कारण से अमूमन यह परिस्थितियों निर्मित होती हैं ।  इलाज कैसा हो रहा है किस स्तर पर हो रहा है और क्या परिस्थितियां बन रही है इसका सही समय पर आकलन नहीं लगाया जा रहा ऐसे में लोग अपनी जिंदगी को खो रहे हैं और परिवारों से लोग बिछड़ रहे है ।  लेकिन जिम्मेदार राजनेता जनप्रतिनिधि या फिर यूं कहे सरकार के पास इसका कोई  समाधान ही नहीं है या फिर यूं कहें कि सरकार भी स्वास्थ्य व्यस्था में लापरवाह है

13 वर्षीय बालिका की मौत परिजनों का आरोप जिला चिकित्सालय की लापरवाही

आज एक बार फिर लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। जहाँ पर 13 वर्षीय अभिलाषा चौधरी की इलाज के दौरान जिला  अस्पताल में मौत हो गई, जिसके बाद स्वजनों ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के मुताबिक, कक्षा सातवीं की छात्रा अभिलाषा को 9 अक्टूबर को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती किया गया था। स्वजनों का कहना है कि इलाज में लापरवाही की गई और
हालत बिगड़ने पर उसे रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। लेकिन जब स्वजन उसे एंबुलेंस से ले जा रहे थे, तब बच्ची का ऑक्सीजन सिलेंडर हटा लिया गया। इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और उसे दोबारा ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद स्वजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच जमकर विवाद हुआ। मौके पर समाजसेवी जितेन जाटव पहुंचे और स्वजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। 

दयाराम चौधरी (पिता)

मेरी बच्ची तड़पती रही और यह इंजैक्शन लगाते गए । हमे लगा पेट दर्ज जैसी बीमारी का इलाज इतने बड़े जिला अस्पताल में तो हो ही जाएगा । लेकिन पता नही था कि यहाँ इलाज के नाम पर पलंग में लेटा देते है और कुछ समय के बाद रेफर कर देते है । मैने अपनी लालड़ी को खो दिया लेकिन प्रशासन से मांग करता हूँ कि इसकी जांच हो ताकि ओर कोई अपनी बिटिया ना खो सके,

 राजेश प्रसाद तिवारी (मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी पन्ना)

इस पूरे मामले पर जिला चिकित्सालय के सीएमएचओ डॉक्टर राजेश प्रसाद तिवारी का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दौसी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।




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आजीविका मिशन में बैठे जिले के अधिकारियों ने, दीमक की तरह सिस्टम को किया खोखला

आजिविका मिशन में भ्रष्टाचार और प्रशासन की अनदेखी 

कर्मचारियों के हुए एक माह पहले स्थानांतरण लेकिन नही हो रहा आदेश का पालन। 

पन्ना ब्यूरो -: पन्ना जिले में आजीविका मिशन की गतिविधियां हमेशा से सवालों के घेरे में रही है । इसमें मौजूद कर्मचारियों ने समस्त गतिविधियों में को दीमक की तरह धीरे-धीरे भ्रष्टाचार करने का अपना तंत्र बना लिया है । हाल ही में फिर से जिले में आजीविका मिशन चर्चा का विषय है प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की आजीविका मिशन के कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे ने कुछ दिन पूर्व भी कहा था कि जिला स्तर पर कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं, लेकिन अब कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश रद्द कर दिए गए या जॉइनिंग नहीं दी गई। यह ना तो जमीनीस्तर पर दिख रहा है ना कागजो पर । आज भी कमीशन को लेकर पूर्व में जनप्रतिनिधि से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे ने लिखित तौर पर शिकायत की है पन्ना अजयगढ़ से लेकर पवई विधानसभा में भी आजीविका मिशन की गतिविधियों को लेकर शिकायत की गई है महिलाएं भी शिकायतों को लेकर जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित में शिकायत कर चुके लेकिन उसके बावजूद भी जिस प्रकार से आजीविका मिशन के अंदर संविदा कर्मचारियों ने जो खेल रचा है उसमें सीधे तौर पर सांठगांठ का इतना मजबूत बंधन है कि स्थानांतरण होने के बावजूद भी इस बात की जानकारी दे पाना मुश्किल है कि कर्मचारी स्थानांतरण के स्थान पर पहुंचे हैं या नहीं या फिर उनका स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया है । 

महिलाओं को सशक्त करने के लिए आजीविका मिशन लेकिन पन्ना में उल्टा हो गया यहाँ अधिकारी कर्मचारी हो रहे मालामाल

वही मध्य प्रदेश सरकार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से सबसे बड़ी महत्वाकांक्षी योजना के तौर पर आजीविका मिशन में गतिविधियों को देखा जाता है लेकिन पन्ना जिले में महिलाओं को सशक्त की जगह अजीब का मिशन के अधिकारी कर्मचारी कुछ ज्यादा ही सशक्त हो गए हैं समूह के नाम पर वसूली एवं करोड़ो की राशि में कमीशन सेटअप कर गोलमोल कर दिया है जिसकी भरपाई प्रशासन नही कर पा रहा है आखिर सिस्टम को दीमक की तरह खोखला करने वाले क्यो संरक्षित है  लेकिन पन्ना जिले में जिस प्रकार का भ्रष्टाचार आजीविका मिशन में हुआ है उसमें सीधे तौर पर यह सवाल खड़े होते हैं कि आखिर अधिकारी किन को बचाने का प्रयास कर रहे हैं । 

मीना राजे ( जिला पंचायत अध्यक्ष)


एक बड़ी लापरवाही है कि इतनी शिकायतों के बाद भी जिला प्रशासन निष्पक्ष जांच नही कर रहा है हाल ही में 1 माह पहले कर्मचारियों के जिला स्तर पर स्थानांतरण किए गए थे लेकिन उस आदेश का भी कोई पालन नही दिख रहा है सिर्फ खानापूर्ति चल रही है सभी अपनी अपनी जगह बने है


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अमानगंज में खाद्य प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण

अमानगंज में खाद्य प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण

खाद्य सुरक्षा एवं जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा आगामी पर्वों के दृष्टिगत अभियान संचालित कर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। इस क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डाॅ. राजेश कुमार राय द्वारा शनिवार को अमानगंज तहसील क्षेत्र में रेस्टोरेंट एवं मिष्ठान दुकानों सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूना लिया गया। यहां जटाशंकर भोजनालय व रेस्टोरेंट से बर्फी, गोपाल स्वीट्स एवं चाट भंडार से खोवा एवं मां कामधेनु दूध डेयरी से पतीसा मिठाई का सैम्पल जांच के लिए लिया गया। निरीक्षण कार्रवाई के दौरान तहसीलदार ममता मिश्रा एवं नायब तहसीलदार हेमंत अवधिया भी उपस्थित रहे l

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Tuesday, September 16, 2025

महिला को मिले 3 हीरे,चमक गई किसमत ,खुल गई लॉटरी

पन्ना की धरा ने एक साथ उगले 3 बेशकीमती हीरे, आदिवासी महिला की किस्मत पलटी, बिकते ही होगी मालामाल

पन्ना ब्यूरो -मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गरीबी में गुजारा करने वाली एक आदिवासी महिला मालामाल हो गई है। पन्ना की धरा ने एक बार फिर 3 बेशकीमती हीरे उगले हैं। देश भर में प्रसिद्ध हीरो के लिए पहचाने जाने वाले पन्ना में आज फिर हीरा चमका और साथ ही चमकी है एक आदिवासी महिला की किस्मत। विनीता गोंड रातों-रात लखपति बन गई हैं। राजपुर, बड़वारा की रहने वाली विनीता ने पटी हीरा खदान क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमाई और नतीजा चौंकाने वाला रहा। उन्हें एक साथ 3 बेशकीमती हीरे मिले हैं, जिन्होंने उनकी जिंदगी बदल दी है।

मेहनत और भाग्य का अद्भुत संगम

विनीता ने हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर अपने साथियों के साथ खदान लगाई थी। अब उनकी मेहनत और भाग्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। जब उन्होंने ये तीन हीरे खोजे, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तत्काल इन हीरों को पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करवा दिया है। 

नीलामी में आकर्षण का केंद्र होंगे ये हीरे

हीरा पारखी अनुपम सिंह ने इन हीरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन हीरों का कुल वजन क्रमशः 7 सेंट, 1 कैरेट 48 सेंट और 20 सेंट है। इन तीन हीरों में से एक जेम्स क्वालिटी का है, जो बेहद उच्च श्रेणी का माना जाता है, जबकि बाकी दो हीरे मटमैले किस्म के हैं। ​अब इन हीरों को अगली नीलामी में रखा जाएगा, जहां इनकी असली कीमत का पता चलेगा। विनीता गोंड की यह कहानी एक बार फिर यह साबित करती है कि पन्ना की धरती में सचमुच कुछ खास है, जो किसी की भी किस्मत को रातों-रात बदल सकती है।



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Monday, September 15, 2025

युवक करता रहा टाइगर को पेड़ में चढ़कर इशारा, टाइगर ने छोड़ा अपना शिकार

पन्ना में युवक का बाघ से हुआ आमना-सामना, पेड़ पर चढ़कर बचाई जान

पन्ना ब्यूरो -मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में उत्तर वनमंडल के देवेंद्र नगर रेंज में आज एक युवक का बाघ से आमना-सामना हो गया। अचानक सामने आये इस संकट से घबड़ाने के बजाय युवक ने सूझबूझ का परिचय दिया और बिना समय गंवाए पास के पेड़ में चढ़ गया। आपको बता दे कि रावेन्द्र सिंह उर्फ़ चुन्नू सोमवार को जब जंगल में अपने मवेशियों को लेने गया हुआ था, उसी समय उसके नजदीक बाघ आ गया। मौत को सामने देख युवक ने अपनी जान बचाने के लिए पेड़ का सहारा लिया। तक़रीबन आधा घण्टे तक युवक पेड़ पर ही चढ़ा रहा और वहीं से मोबाइल पर परिजनों को सूचना दी। युवक के परिजन व ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे तथा युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इस वन क्षेत्र के बीट गार्ड ने बताया कि जानकारी मिलते ही वे ग्रामीणों के साथ पहुंचे और शोर-शराबा करके बाघ को जंगल की तरफ भगाया गया। पेड़ के ऊपर से युवक ने इस बाघ का वीडियो भी बनाया है। युवक को सकुशल घर पंहुचा दिया गया है। घटना के बाद से इलाके में भय और दहशत का माहौल है। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को जंगल में न जाने की सलाह दी है।



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Saturday, September 13, 2025

50 से अधिक बीमार, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डाला डेरा

स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह रैपुरा के लखनचौरी में उल्टी-दस्त का प्रकोप, 

पन्ना ब्यूरो -पन्ना जिले के  रैपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम लखनचौरी में उल्टी दस्त के प्रकोप से अबतक 50 से अधिक लोगों के लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया है। करीब एक सप्ताह सर इस गांव में बीमारी का प्रकोप बना हुआ है जानकारी लगते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम  पहुंची स्वास्थ्य

विभाग की टीम गांव और लोगों को उप स्वास्थ्य केंद्र रैपुरा में भर्ती करवाया गया है। वहीं गांव में कैम्प लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण व प्राथमिक इलाज किया जा रहा है।जानकारी के अनुसार लखनचौरी गांव में करीब 350 लोगों की आवादी हैं। यहां पीने के पानी के लिए एक मात्र प्राचीन कुआ है। जहां ग्रामीण पानी का उपयोग पीने के लिए करते हैं। जिसका पानी दूषित हो जाने के कारण गांव में 8 सितंबर से उल्टी दस्त की बीमारी फैल गई। जिससे गांव के लोग एक एक कर बीमार पड़ने लगे। 9 सितम्बर को रैपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टर एमएल चौधरी ने टीम को गांव भेजा। टीम ने गांव में बीमार व्यक्तियों को रैपुरा अस्पताल भर्ती करवाया वहीं 10 सितंबर से 12 सितम्बर तक गांव की स्तिथ कंट्रोल में नही आई रोजाना 10 से 15 मरीज उल्टि दस्त की बीमारी ग्रसित हो रहे। 13 सितंबर को स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में बीमारी की स्तिथि को कंट्रोल कर लिया है। इससे कोई नया मरीज नहीं मिला। पुराने मरीजों की

डोर टू डोर चेकअप, कुएं के पानी की सैंपलिंग कर पूरे गांव का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है।

जो लोग भी बीमार थे उस सभी का उपचार किया जा रहा है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को रैपुरा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। स्थिति अभी नियंत्रण में हैं। गांव में मौजूद स्वास्थ्य अमले के द्वारा गांव में डोर टू डोर मेडिकल चेकअप कियाजा रहा है। बीमारी के कोई लक्षण होने पर उन्हें हालत में भी सुधार हो रहा है।



स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में है सक्रियः बीएमओ डॉ. सर्वेश कुमार लोधी ने बताया, 8 सितंबर से गांव में उल्टी-दस्त के कारण लोग बीमार पड़ रहे थे। अबतक करीब 50 तत्काल उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है। ग्रामीणों को समझाइश दी गई है कि गर्म पानी पीने की पिएं और भोजन ताजा खाएं गांव के लिए कुएं के पानी का सेम्पल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर तुरंत नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें, जिससे बीमारी को रोका जा सके। लोग बीमार हो गए हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा गया है। जो निरंतर गांव में स्कैनिंग कर लोगों का उपचार कर रही है। निःशुल्क दवाएं दी जा रही हैं

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योजना का लाभ लेने के लिए भटक रहे अनाथ बच्चे,ये है अधिकारी राज

अनदेखी बच्चों के नहीं बने जरूरी कागजात, जिम्मेदार भी नहीं दे रहे ध्यान

योजना का लाभ लेने के लिए भटक रहे अनाथ बच्चे

पन्ना ब्यूरो -पन्ना के गुनौर विकासखंड के अंतर्गत आने वाली आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत कुलगवा में, पिछले दो सालों से कई अनाथ आदिवासी बच्चे मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना का लाभ पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इन बच्चों के माता-पिता का निधन हुए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन रिकॉर्ड तैयार न होने की वजह से आज तक उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही

कुलगवा के शिक्षकों ने बताया कि भक्ति कोल और उनकी पत्नी का निधन करीब दो साल पहले हो चुका है, जबकि महेश कोल और उनकी पत्नी का निधन तीन-चार साल पहले  मासूम बच्चों, जिनके माता-पिता नहीं रहे, उनके बच्चे  पप्पी बाई और आशा बाई, आज भी इस योजना का लाभ मिलने का इंतजार कर रहे हैं।  क्योंकि हर ग्राम पंचायत में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद हैं, जो नियमित रूप से बच्चों का सर्वे करती हैं और उनकी जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को भेजती हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या इन अनाथ बच्चों की जानकारी विभाग को नहीं भेजी गई होगी?अगर नहीं भेजी गई, तो इसका जिम्मेदार कौन है और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई ? कल्दा क्षेत्र में भी यही हाल है कलेक्टर ने पवई जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिलेश उपाध्याय को इन बच्चों के रिकॉर्ड बनवाने की जिम्मेदारी दी थी। लेकिन आज भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। कई बच्चे तो ऐसे हैं जिनके माता-पिता 8-10 साल पहले गुजर गए थे और अब वे 18 साल से ऊपर के हो गए हैं। पिछले इतने सालों से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला, और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है, जिससे इन बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

जमीनी हकीकत कुछ और है ग्राम पंचायत कुलगवा के सरपंच कमलेश यादव ने भी इस बात को स्वीकार किया कि दो परिवार ऐसे हैं जिनके माता-पिता का निधन पहले हो चुका है, और एक परिवार में दो महीने पहले ही ऐसी दुखद घटना घटी है। सरपंच ने भी यह माना कि इन बच्चों के रिकॉर्ड आज तक नहीं बन पाए, जिसकी वजह से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक तरफ जहां सरकार प्रदेश के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी तरफ आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जब इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग की ब्लॉक परियोजना अधिकारी कीर्ति सिंह से बात की गई, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए बार - बार बच्चों का नाम पूछा। जब उनसे यह पूछा गया कि इन बच्चों को दो साल से योजना का लाभ क्यों नहीं मिला, तो उन्होंने उल्टा संवाददाता से ही बच्चों के नाम पूछना शुरू कर दिया, यह कहते हुए कि जब नाम पता चलेंगे, तभी वे वहां पहुंचेंगी। 



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Saturday, July 12, 2025

इंदौर जैसा हत्याकांड का मामला पति की हत्या, पत्नी 2 बच्चों सहित फरार

इंदौर जैसा हत्याकांड का मामला पति की हत्या, पत्नी 2 बच्चों सहित फरार 

ग्राम बघवार कला में अंधे हत्याकांड से हड़कंप,2 माह पहले हुई थी शादी

2 माह पहले हुई थी युवक की शादी ,,2 बच्चो के साथ रहती थी   महिला

The उम्मीद -मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बघवार कला गांव से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई है, और उसकी पत्नी अपने बच्चों सहित फरार हो गई है घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है पुलिस द्वारा सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विवेचना की जा रही है। वहीं गांव में घटना के बाद गांव के हड़कंप एवं भय का माहौल व्याप्त है,,वही पुलिस द्वारा जांच एवं cctv खंगाले गए है जिसमे पत्नी अपने बच्चों को वही पास में बैंक के पास बच्चे को जूते पहना रही है,

2 माह पहले 2 बच्चो की माँ से की थी शादी हो गया कांड 

रैपुरा के नन्नू लाल सोनी पिता मुन्ना लाल सोनी उम्र 35 वर्ष की लाश अपने ही घर के कमरे में मिली है जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को फोन कर जानकारी दी,,परिजनों के मुताबिक मृतक की पत्नी एवं दो बच्चे भी रात से ही गायब है पुलिस के अनुसार सिर में किसी भारी वस्तु से वार करने से युवक मौत हो गई है युवक घर में चार पाई पर पड़ा हुआ था। घटना की रात में मृतक उसकी पत्नी सहित बच्चे एक कमरे में सो रहे थे। तथा दूसरे कमरे में मृतक के माता पिता सो रहे थे। सुबह फोन नहीं उठने पर उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो बेटे की लाश खून से लतपथ पड़ी हुई थी। इसके बाद डायल 100 पर पुलिस को इसकी सूचना मिली। तत्पश्चात थाना प्रभारी संतोष यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एवं जांच शुरू की। 

एसडीओपी राजेन्द्र मोहन दुबे ने बताया  कि मृतक ने दो माह पहले 28 मई 2025 को ही शादी की थी। जिस महिला से शादी हुई थी उसके पहले से दो बच्चे थे। महिला अर्चना सोनी उत्तरप्रदेश के नरैनी जनपद के ग्राम  साड़ा की बताई जा रही है। पत्नी अपने दो बच्चों सहित गायब है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।  प्रथम दृष्टा मृतक के सर पर किसी भारी चीज से बार किया गया जिससे उसकी मौत हुई। पत्नी एवं बच्चोंके मिलने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि आखिर क्या हुआ था। पुलिस मामला कायम कर जांच कर रही है।




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Tuesday, July 8, 2025

अब नहीं कर सकेंगे दादी मां’ का दीदार,,पन्ना टाइगर रिजर्व की फेमस हथिनी वत्सला की मौत,

अब नहीं कर सकेंगे दादी  मां’ का दीदार,,पन्ना टाइगर रिजर्व की फेमस हथिनी वत्सला की मौत,

दुनिया की सबसे उम्रदराज हथिनी थी वत्सला,मौत से मातम

तीन दशक से अधिक समय तक पन्ना टाइगर रिज़र्व की शान रही है वत्सला

The उम्मीद- मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व की सबसे बुजुर्ग दादी मां कहीं जाने वाली हथनी वत्सला अब टाइगर रिज़र्व के  बीच नहीं रही, मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व की धरोहर तथा बीते कई दशक से पर्यटक और वन्य जीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही दुनिया की सबसे उम्रदराज हथनी  वत्सला का आज दोपहर 1:30 बजे हिनौता हाथी कैंप के निकट ,निधन हो गया है  पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक ने बताया कि हिनौता हाथी के अपने पास एक नाले के पास गिर गई थी ,जो फिर अधिक उम्र होने के कारण उठ नही पाई और इलाज के दौरान मौत हो गई है ,,,

आपको बता दे कि शतायु पार कर चुकी हथिनी वत्सला की कहानी बेहद दिलचस्प तथा रहस्य व रोमांच से परिपूर्ण है। वत्सला मूलतः केरल के नीलांबुर फॉरेस्ट डिवीजन में पली-बढ़ी है। इसका प्रारंभिक जीवन नीलांबुर वन मंडल (केरल) में वनोपज परिवहन का कार्य करते हुए व्यतीत हुआ। इस हथिनी को 1971 में केरल से होशंगाबाद मध्यप्रदेश लाया गया, उस समय वत्सला की उम्र 50 वर्ष से अधिक थी। वत्सला को वर्ष 1993 में होशंगाबाद के बोरी अभ्यारण्य से पन्ना राष्ट्रीय उद्यान लाया गया, तभी से यह हथिनी यहां की पहचान बनी हुई है। 

 वत्सला की अधिक उम्र व सेहत को देखते हुए वर्ष 2003 में उसे रिटायर कर कार्य मुक्त कर दिया गया था। तब से किसी कार्य में उसका उपयोग नहीं किया गया। वत्सला का पाचन तंत्र भी कमजोर हो चुका था, इसलिए उसे विशेष भोजन दिया जाता रहा है। फरवरी वर्ष 2020 में वत्सला की दोनों आंखों में मोतियाबिंद हो जाने से उसे दिखाई भी नहीं देता था, फलस्वरुप चारा कटर मनीराम उसकी सूंड अथवा कान पकड़कर जंगल में घुमाने ले जाता था। बिना सहारे के वत्सला ज्यादा दूर तक नहीं चल सकती थी। हाथियों के कुनबे में शामिल छोटे बच्चे भी घूमने टहलने में वत्सला की पूरी मदद करते रहे हैं।

घायल हो चुकी है वत्सला को मिला था नया जीवन दान कैसे रहा जीवन

पन्ना टाइगर रिजर्व के ही नर हाथी रामबहादुर ने वर्ष 2003 और 2008 में दो बार प्राणघातक हमला कर वत्सला को बुरी तरह से घायल कर दिया था। पन्ना टाइगर रिजर्व के मंडला परिक्षेत्र स्थित जूड़ी हाथी कैंप में नर हाथी रामबहादुर (42 वर्ष) ने मस्त के दौरान वत्सला के पेट पर जब हमला किया तो उसके दांत पेट में घुस गये। हाथी ने झटके के साथ सिर को ऊपर किया, जिससे वत्सला का पेट फट गया और उसकी आंतें बाहर निकल आईं। डॉ. गुप्ता ने 200 टांके 6 घंटे में लगाए तथा पूरे 9 महीने तक वत्सला का इलाज किया। समुचित देखरेख व बेहतर इलाज से अगस्त 2004 में वत्सला का घाव भर गया।  लेकिन फरवरी 2008 में नर हाथी रामबहादुर ने दुबारा अपने टस्क (दाँत) से वत्सला हथिनी पर हमला करके गहरा घाव कर दिया, जो 6 माह तक चले उपचार से ठीक हुआ। हथिनी वत्सला अत्यधिक शांत और संवेदनशील थी। पन्ना टाइगर रिजर्व में हाथियों के कुनबे में बच्चों की देखभाल दादी मां की भांति करती रही है। कुनबे में जब कोई हथिनी बच्चे को जन्म देती है, तो वत्सला जन्म के समय एक कुशल दाई की भूमिका भी निभाती थी।




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Monday, June 9, 2025

बेटा एसडीएम,, दूसरा बेटा डीएसपी,,बहु डीएसपी फिर भी,, नगद नारायण लेते तहसीलदार साहब पकड़े गए

बेटा एसडीएम,, दूसरा बेटा डीएसपी,,बहु डीएसपी फिर भी,, नगद नारायण लेते तहसीलदार साहब पकड़े गए

वेतन से नही भर रहा था पेट,तो मांगने लागे रिस्वत,

पन्ना  रैपुरा तहसील के तहसीलदार इन्द्रमणी सोनी को लोकायुक्त सागर ने गिरफ्तार किया है. उन पर 3000 रुपए रिश्वत लेने का आरोप है. लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को तहसीलदार इन्द्रमणी सोनी को उनके बंगले से पकड़ा है. इस कार्रवाई से राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है. तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने जमीन संबंधी एक मामले को निपटाने के बदले किसान कल्याण सिंह से 9 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी. जमीनी मामले के एवज में मांगी रिश्वत

लोकायुक्त सागर से मिली जानकारी के मुताबिक, दमोह जिले में रहने वाले किसान कल्याण सिंह ने तहसीलदार इंद्रमणी सोनी के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. किसान ने शिकायत में कहा कि उनकी पत्नी के नाम पिपरिया कला में जमीन है, जिसपर अतिक्रमण हो गया है. इस अतिक्रमण को हटवाने के लिए किसान ने रैपुरा तहसीलदार को आवेदन दिया था. जिसके एवज में तहसीलदार ने 9 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी.

शिकायतकर्ता किसान कल्याण सिंह का दावा है कि वह तहसीलदार को पहले 4 हजार रुपए दे चुका है. जरूरी कागजी कार्रवाई होने के बावजूद तहसीलदार जानबूझकर उसके काम में टालमटोली कर रहा था. साथ ही और पैसे भी मांग रहा था, बिना पैसे लिए काम करने को तैयार नहीं था. सागर लोकायुक्त ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई. प्लान के मुताबिक किसान रिश्वत के 3000 रुपए तहसीलदार को देने बंगले पर पहुंचा. वहीं पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया. तहसीलदार के हाथ रिश्वत के पैसों से सने पाए गए, इस गिरफ्तारी से रैपुरा और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है.

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जनता ने चुना है उनकी सेवा करना मेरा धर्म है _श्री सिंह

जनता ने चुना है उनकी सेवा करना मेरा धर्म है _श्री सिंह पन्ना 29 नवंबर/प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग मंत्री श्री बृजेंद्र प्रताप सिंह द्...